गर्मी में बार-बार प्यास और थकान? : गलत तरीके से पानी पीना पड़ सकता है भारी

- योग एवं फिटनेस विशेषज्ञ डॉ. जयंत कुमार रामटेके ने बताए हाइड्रेशन के सही उपाय
विदर्भ न्यूज एक्सप्रेस
प्रतिनिधी / नागपुर : देशभर में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ रहा है। कई राज्यों में तापमान ४५ डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे मौसम में लोग लगातार पानी पीने के बावजूद प्यास, थकान, सिरदर्द, चक्कर और बेचैनी जैसी समस्याओं से परेशान हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे केवल पानी की कमी नहीं, बल्कि पानी पीने का गलत तरीका भी जिम्मेदार हो सकता है।
डॉ. जयंत कुमार रामटेके, पोरवाल महाविद्यालय, कामठी के योग एवं फिटनेस विशेषज्ञ, ने बताया कि आयुर्वेद के प्रसिद्ध ग्रंथ चरक संहिता में ग्रीष्म ऋतु को आदान काल कहा गया है। इस समय सूर्य शरीर से नमी और ऊर्जा दोनों को तेजी से खींचता है। ऐसे में केवल अधिक पानी पीना काफी नहीं होता, बल्कि पानी का प्रकार, मात्रा और पीने का तरीका भी बेहद महत्वपूर्ण होता है।
बर्फ जैसा ठंडा पानी पीना बन सकता है नुकसानदायक -
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी में लोग राहत पाने के लिए फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी या आइस कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं, लेकिन यह आदत शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। आयुर्वेद में अति शीत जल को पाचन शक्ति के लिए नुकसानदायक बताया गया है। वहीं वैज्ञानिक दृष्टि से शरीर को बर्फ जैसे पानी को सामान्य तापमान में लाने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिससे बाद में थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है। ऐसे में सामान्य तापमान या मिट्टी के घड़े का पानी अधिक लाभदायक माना गया है।
केवल सादा पानी पीना भी पर्याप्त नहीं -
गर्मी में अधिक पसीना आने के कारण शरीर से जरूरी मिनरल्स जैसे सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम भी बाहर निकल जाते हैं। यदि व्यक्ति केवल सादा पानी पीता रहे, तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इसके कारण मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी और बेचैनी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों ने नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, सत्तू, गुलकंद शरबत और खस के पानी जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।
एक साथ ज्यादा पानी पीना भी खतरनाक -
डॉ. रामटेके ने बताया कि तेज प्यास लगने पर कई लोग एक बार में पूरी बोतल पानी पी जाते हैं, लेकिन यह आदत भी नुकसान पहुंचा सकती है। शरीर और किडनी एक समय में सीमित मात्रा में ही पानी को प्रोसेस कर सकते हैं। बहुत तेजी से अधिक पानी पीने पर शरीर में सोडियम का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी और उल्टी जैसा महसूस हो सकता है। उन्होंने सलाह दी कि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार पानी पीना सबसे बेहतर तरीका है।
कोल्ड ड्रिंक्स बढ़ा सकते हैं डिहाइड्रेशन -
विशेषज्ञों के मुताबिक कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस गले को तुरंत राहत तो देते हैं, लेकिन इनमें मौजूद अत्यधिक शुगर शरीर की कोशिकाओं से पानी बाहर खींचती है। इससे कुछ समय बाद प्यास और अधिक बढ़ जाती है तथा डिहाइड्रेशन की समस्या गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्राकृतिक और घरेलू पेय पदार्थों को प्राथमिकता देना स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना गया है।
गर्मी में फायदेमंद माने गए ये प्राकृतिक पेय -
विशेषज्ञों और आयुर्वेद के अनुसार नारियल पानी, छाछ, सत्तू का शरबत, गुलकंद शरबत, खस का पानी तथा मिट्टी के घड़े का सादा पानी शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करने में मददगार होते हैं। ये पेय शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के साथ पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाए रखते हैं।
डॉ. रामटेके ने कहा कि गर्मी के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए केवल अधिक पानी पीना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही पानी, सही समय और सही तरीके का पालन करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से हाइड्रेशन की सही आदतें अपनाकर गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचने की अपील की।
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